शांति और ख़ुशी के लिए. परिवार के सदस्यों के बीच एकता और सद्भाव के लिए
यह 40 श्लोकों का एक स्तोत्र है, जिसे नियमित रूप से पढ़ने से हर प्रकार की बाधाएं दूर होती
आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति को बढ़ाता है. इस पाठ की एक-एक पंक्ति , भक्त को जीवन में कभी ना हार
हनुमान जयन्ती हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इसे विशेष रूप से चैत्र माह के
हनुमान मंदिर में अन्नकूट महोत्सव, गोवर्धन पूजा के बाद होने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है
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